प्रेम मंदिर वृंदावन का एक भव्य, आधुनिक और विश्वप्रसिद्ध मंदिर है, जो भगवान श्री राधा-कृष्ण तथा श्री सीता-राम को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा मानवता में प्रेम, भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से कराया गया। अपनी अद्भुत श्वेत संगमरमर की वास्तुकला, दिव्य झांकियों, संगीतमय फाउंटेन शो और रात्रिकालीन प्रकाश सज्जा के कारण यह आज वृंदावन के सबसे लोकप्रिय धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में से एक है।
प्रेम मंदिर का मूल संदेश “प्रेम ही परमात्मा तक पहुँचने का सर्वोत्तम मार्ग है”। यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा के दिव्य प्रेम तथा भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्श जीवन का जीवंत प्रतीक है।
मंदिर के गर्भगृह में प्रथम तल पर श्री राधा-कृष्ण तथा दूसरे तल पर श्री सीता-राम के भव्य विग्रह विराजमान हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालु प्रेम, भक्ति और सेवा की भावना के साथ भगवान के दर्शन करते हैं तथा आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
प्रेम मंदिर का शिलान्यास 14 जनवरी 2001 को जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा किया गया था। लगभग 11 वर्षों के निर्माण कार्य के बाद यह मंदिर 17 फ़रवरी 2012 को श्रद्धालुओं के लिए समर्पित किया गया।
इटली के उत्कृष्ट सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर भारतीय नागर शैली की वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है। मंदिर की दीवारों, स्तंभों और छतों पर श्रीकृष्ण एवं श्रीराम की लीलाओं को अत्यंत सुंदर नक्काशी के माध्यम से उकेरा गया है।
प्रेम मंदिर की कई विशेषताएँ इसे वृंदावन के अन्य मंदिरों से अलग बनाती हैं।
प्रेम मंदिर में पूरे वर्ष अनेक धार्मिक उत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
प्रेम मंदिर ने वृंदावन को विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। यहाँ प्रतिदिन भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप, रूस, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य देशों से भी हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर भारतीय संस्कृति, भक्ति और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
प्रेम मंदिर केवल एक आधुनिक मंदिर नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। इसकी दिव्य वास्तुकला, मनमोहक झांकियाँ, आध्यात्मिक वातावरण और भव्य उत्सव हर श्रद्धालु के हृदय में भगवान श्रीराधा-कृष्ण के प्रति प्रेम और श्रद्धा का भाव जागृत करते हैं। वृंदावन आने वाले प्रत्येक भक्त के लिए प्रेम मंदिर के दर्शन ब्रज यात्रा का एक अविस्मरणीय अनुभव माने जाते हैं।
| मंदिर खुलने का समय | श्रृंगार आरती | राजभोग | आरती और समापन |
|---|---|---|---|
| 08:30 AM | 08:30 AM | 11:30 AM | 12:00 PM |
| मंदिर खुलने का समय |
म्यूज़िकल फ़ाउंटेन
और लाइट शो
|
भोग | आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 04:30 PM | 7:30 PM – 8:00 PM | 05:30 PM | 08:10 PM | 08:30 PM |
इस्कॉन कृष्ण-बलराम मंदिर (अनुमानित दूरी-700 मीटर)
वैष्णो देवी मंदिर (अनुमानित दूरी-1.2 किमी)
श्री रंगनाथ (रंगजी) मंदिर (अनुमानित दूरी-2.5 किमी)
श्री बांके बिहारी मंदिर (अनुमानित दूरी-3 किमी)
श्री राधा वल्लभ मंदिर (अनुमानित दूरी-3.2 किमी)
श्री राधारमण मंदिर (अनुमानित दूरी-3.5 किमी)
श्री गोविंद देव जी मंदिर (अनुमानित दूरी-3.4 किमी)
श्री मदनमोहन मंदिर (अनुमानित दूरी-4किमी)
निधिवन (अनुमानित दूरी-4किमी)
केशी घाट (अनुमानित दूरी-4.5किमी)