श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर मथुरा के चार प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं मथुरा नगरी की रक्षा करते हैं और भूतेश्वर महादेव उसी स्वरूप में यहां विराजमान हैं।
यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और श्रद्धालुओं के बीच विशेष श्रद्धा का केंद्र माना जाता है।
• मथुरा के रक्षक देवता
• प्राचीन शिवलिंग
• सावन माह में विशेष महत्व
• शिव भक्तों की प्रमुख आस्था
महाशिवरात्रि और सावन मास में यहां विशाल संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
मथुरा शहर के प्रमुख मार्गों से यह मंदिर अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
मथुरा-वृंदावन मार्ग पर स्थित गीता मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण उद्योगपति परिवार द्वारा करवाया गया था।
मंदिर की दीवारों पर संपूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक अंकित किए गए हैं, जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
• भगवद्गीता के श्लोकों से सुसज्जित
• सुंदर वास्तुकला
• धार्मिक शिक्षा का केंद्र
• शांत वातावरण
यह मंदिर गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करता है और आध्यात्मिक ज्ञान का केंद्र माना जाता है।
मथुरा-वृंदावन रोड पर स्थित यह मंदिर सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 05:00 AM | 05:00 – 05:30 AM | 08:00 – 08:30 AM | 12:00 PM |
| मंदिर खुलने का समय | संध्या आरती | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:00 PM | 07:00 – 07:30 PM | 08:30 – 08:45 PM | 09:00 PM |
श्रीकृष्ण जन्मभूमि (अनुमानित दूरी- लगभग 2 किमी)
द्वारकाधीश मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 3 किमी)
विश्राम घाट (अनुमानित दूरी- लगभग 3 किमी)
यमुना घाट (अनुमानित दूरी- लगभग 2.5 किमी)
गोकुल (अनुमानित दूरी- लगभग 10 किमी)
वृंदावन (अनुमानित दूरी- लगभग 12 किमी)