श्री रंगनाथ जी मंदिर वृंदावन के सबसे विशाल, भव्य और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान श्री रंगनाथ (शेषशायी विष्णु) को समर्पित है, जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग की शय्या पर विश्राम मुद्रा में विराजमान हैं। यह मंदिर उत्तर भारत में दक्षिण भारतीय श्रीवैष्णव परंपरा का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है।
भगवान श्री रंगनाथ, भगवान विष्णु का वह दिव्य स्वरूप हैं जिसमें वे अनंत शेषनाग पर क्षीरसागर में विराजमान हैं। यह स्वरूप सृष्टि की रक्षा, संतुलन और अनंत शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
यद्यपि वृंदावन मुख्यतः श्रीकृष्ण की लीलाओं के लिए प्रसिद्ध है, फिर भी यह मंदिर भगवान विष्णु की आराधना के माध्यम से यह संदेश देता है कि श्रीकृष्ण और श्रीविष्णु एक ही परम तत्व के विभिन्न दिव्य स्वरूप हैं।
यह मंदिर श्रीवैष्णव सम्प्रदाय के प्रमुख तीर्थों में से एक है। यहाँ प्रतिदिन वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा, आरती और भोग अर्पित किए जाते हैं।
ब्रज यात्रा करने वाले श्रद्धालु बाँके बिहारी मंदिर, गोविंद देव मंदिर और राधारमण मंदिर के साथ रंगजी मंदिर के दर्शन भी अवश्य करते हैं।
श्री रंगनाथ जी मंदिर का निर्माण 1845 से 1851 के बीच मथुरा के प्रसिद्ध उद्योगपति सेठ गोविंद दास और सेठ राधाकृष्ण दास ने स्वामी रंगदेशिकाचार्य के मार्गदर्शन में कराया था। मंदिर के निर्माण में उस समय लगभग 45 लाख रुपये व्यय हुए थे, जो उस युग में अत्यंत बड़ी राशि थी।
रंगजी मंदिर में पूरे वर्ष अनेक धार्मिक उत्सव मनाए जाते हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
इन अवसरों पर मंदिर में विशेष श्रृंगार, रथ यात्रा, वैदिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से ब्रह्मोत्सव के दौरान भगवान रंगनाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
श्री रंगनाथ जी (रंगजी) मंदिर वृंदावन का एक अद्वितीय तीर्थ है, जहाँ दक्षिण भारतीय श्रीवैष्णव परंपरा और ब्रज की कृष्ण भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। इसकी भव्य वास्तुकला, विशाल गोपुरम, स्वर्ण ध्वज स्तंभ और भगवान रंगनाथ के दिव्य दर्शन इसे वृंदावन के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में स्थान दिलाते हैं। यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय स्थापत्य कला का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार दर्शन | राजभोग | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 05:30 AM | 05:30 – 06:00 AM | 06:30 – 07:30 AM | 08:00 – 09:00 AM | 11:00 PM |
| मंदिर खुलने का समय | उत्थापन | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:00 PM | 04:00 – 04:30 PM | 08:30 – 09:00 PM | 09:30 PM |
श्री गोविंद देव जी मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 500 मीटर)
शाहजी मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 700 मीटर)
श्री राधा वल्लभ मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 900 मीटर)
श्री बाँके बिहारी मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 1 किमी)
निधिवन (अनुमानित दूरी- लगभग 1.2 किमी)
सेवा कुंज (अनुमानित दूरी- लगभग 1.2 किमी)
श्री राधारमण मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 1.3 किमी)
प्रेम मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 3 किमी)