श्री गिरिराज जी मुखारविंद मंदिर गोवर्धन के सबसे पवित्र और श्रद्धेय तीर्थों में से एक है। यह मंदिर गोवर्धन पर्वत (गिरिराज महाराज) के मुख (मुखारविंद) का प्रतीक माना जाता है। ब्रज की मान्यता के अनुसार, यहाँ स्वयं गिरिराज महाराज भक्तों का भोग स्वीकार करते हैं। इसलिए गोवर्धन परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु सबसे पहले मुखारविंद के दर्शन करना अत्यंत शुभ मानते हैं।
“मुखारविंद” का अर्थ है “कमल के समान दिव्य मुख”। ब्रज परंपरा के अनुसार, यहाँ स्थित पवित्र शिला को गिरिराज महाराज का मुख माना जाता है।
जब भगवान श्रीकृष्ण ने इन्द्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर सात दिन तक धारण किया, तब उन्होंने घोषणा की कि गिरिराज गोवर्धन उनका ही स्वरूप है। तभी से गिरिराज की पूजा भगवान श्रीकृष्ण के रूप में की जाती है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मुखारविंद पर श्रद्धापूर्वक दूध, जल, तुलसी दल, पुष्प और मिठाई अर्पित करने से भगवान श्रीकृष्ण एवं गिरिराज महाराज की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
मुखारविंद मंदिर 21 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा का सबसे महत्वपूर्ण दर्शन स्थल माना जाता है।
यहाँ भक्त गिरिराज महाराज का दूधाभिषेक, जलाभिषेक और गिरिराज शिला पूजा करते हैं। ब्रज की परंपरा में यह विश्वास है कि मुखारविंद के दर्शन किए बिना गोवर्धन परिक्रमा पूर्ण नहीं मानी जाती।
मुखारविंद की पूजा प्राचीन काल से चली आ रही है। वैष्णव आचार्य श्री सनातन गोस्वामी, श्री वल्लभाचार्य, श्री चैतन्य महाप्रभु तथा अनेक संतों ने यहाँ गिरिराज महाराज की आराधना की। आज भी यह स्थान पुष्टिमार्ग, गौड़ीय वैष्णव और अन्य वैष्णव संप्रदायों के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ है।
श्री मुखारविंद मंदिर गोवर्धन का एक अत्यंत पवित्र तीर्थ है, जहाँ गिरिराज महाराज के मुख स्वरूप की पूजा की जाती है। यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला की स्मृति से जुड़ा हुआ है और गोवर्धन परिक्रमा का सबसे महत्वपूर्ण दर्शन स्थल माना जाता है। यहाँ श्रद्धापूर्वक दर्शन, अभिषेक और भोग अर्पित करने से भक्त भगवान श्रीकृष्ण एवं गिरिराज महाराज की विशेष कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार दर्शन | राजभोग | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 05:00 AM | 05:30 – 06:00 AM | 07:30 – 08:00 AM | 11:30 – 12:00 PM | 12:30 PM |
| मंदिर खुलने का समय | उत्थापन | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:00 PM | 04:00 – 04:30 PM | 08:30 – 09:00 PM | 09:30 PM |
मानसी गंगा (अनुमानित दूरी-1 किमी )
श्री दानघाटी मंदिर (अनुमानित दूरी-1.2 किमी )
श्री हरिदेव मंदिर (अनुमानित दूरी-1.3 किमी )
चकलेश्वर महादेव मंदिर (अनुमानित दूरी-1.5 किमी )
जतीपुरा (अनुमानित दूरी-500 मीटर )
कुसुम सरोवर (अनुमानित दूरी-4 किमी )
राधाकुंड (अनुमानित दूरी-5 किमी )
पूँछरी का लौठा (अनुमानित दूरी-9 किमी )