श्री कीर्ति मंदिर बरसाना का एक अद्वितीय और अत्यंत पवित्र मंदिर है, जो श्री कीर्ति मैया (श्रीराधा रानी की माता) को समर्पित है। यह विश्व का एकमात्र प्रमुख मंदिर माना जाता है जहाँ बाल स्वरूप श्रीराधा रानी अपनी माता कीर्ति मैया की गोद में विराजमान हैं। मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से हुआ और इसका उद्घाटन वर्ष 2019 में वसंत पंचमी के अवसर पर हुआ।
श्रीराधा रानी को भगवान श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति और दिव्य प्रेम का स्वरूप माना जाता है। उनकी माता कीर्ति मैया वात्सल्य, ममता और मातृ प्रेम की प्रतीक हैं। कीर्ति मंदिर भक्तों को राधा रानी के बाल्यकाल की दिव्य लीलाओं का स्मरण कराता है।
मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण वह मनोहारी विग्रह है जिसमें बालिका राधा अपनी माता कीर्ति मैया की गोद में विराजमान हैं। यह स्वरूप भक्तों को माँ और पुत्री के पवित्र प्रेम का दिव्य अनुभव कराता है और अन्य किसी प्रमुख मंदिर में इस रूप में देखने को नहीं मिलता।
श्री कीर्ति मंदिर का शिलान्यास वर्ष 2006 में हुआ था और लगभग 12 वर्षों के निर्माण के बाद इसका उद्घाटन 10 फ़रवरी 2019 (वसंत पंचमी) को किया गया। मंदिर का निर्माण जगद्गुरु कृपालु परिषद द्वारा कराया गया, जिसने प्रेम मंदिर, वृंदावन का भी निर्माण कराया है। मंदिर की भव्य वास्तुकला में नागर और दक्षिण भारतीय शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार दर्शन | राजभोग | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 05:00 AM | 05:15 – 05:45 AM | 08:00 – 08:30 AM | 11:30 – 12:00 PM | 12:30 PM |
| मंदिर खुलने का समय | उत्थापन | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:30 PM | 04:30 – 05:00 PM | 08:30 – 08:50 PM | 09:00 PM |
श्री राधा रानी मंदिर (लाड़ली जी) (अनुमानित दूरी-900 मीटर )
रंगीली महल (अनुमानित दूरी-100 मीटर )
श्री मान मंदिर (अनुमानित दूरी-1.2 किमी )
मोर कुटी (अनुमानित दूरी-1.5 किमी )
गह्वर वन (अनुमानित दूरी-2 किमी )
संकरी खोर (अनुमानित दूरी-2 किमी )
प्रेम सरोवर (अनुमानित दूरी-4 किमी )