श्री केशव देव मंदिर मथुरा का सबसे पवित्र और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में स्थित है और धार्मिक परंपरा के अनुसार उसी स्थान के निकट माना जाता है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कंस के कारागार में हुआ था। इसी कारण यह मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में माता देवकी और पिता वसुदेव के यहाँ हुआ था। श्री केशव देव मंदिर उसी पावन जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है और भगवान श्रीकृष्ण के केशव स्वरूप को समर्पित है।
मान्यता है कि इस स्थान के दर्शन करने से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। यह मंदिर वैष्णव भक्तों के लिए भारत के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थों में से एक माना जाता है।
श्री केशव देव मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर का प्रमुख मंदिर है। यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन, आरती और पूजा के लिए आते हैं।
मंदिर परिसर में स्थित गर्भगृह को वह स्थान माना जाता है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रद्धालु जन्मस्थान के दर्शन को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी मानते हैं।
श्री केशव देव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने सबसे पहले यहाँ मंदिर का निर्माण कराया था।
इसके बाद विभिन्न कालों में मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण हुआ। इतिहास में यह मंदिर अनेक आक्रमणों के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ और पुनः बनाया गया। वर्तमान मंदिर का निर्माण 20वीं शताब्दी में उद्योगपति डालमिया और बिड़ला परिवारों के सहयोग से कराया गया तथा इसे 1958 में श्रद्धालुओं के लिए समर्पित किया गया।
श्री केशव देव मंदिर में पूरे वर्ष अनेक धार्मिक उत्सव भव्य रूप से मनाए जाते हैं—
इन अवसरों पर मंदिर को आकर्षक फूलों और प्रकाश से सजाया जाता है तथा विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
श्री केशव देव मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का पावन प्रतीक है। यह वह स्थान है जहाँ करोड़ों श्रद्धालु भगवान के जन्म की स्मृति में श्रद्धा, भक्ति और प्रेम के साथ दर्शन करने आते हैं। मथुरा की यात्रा को श्री केशव देव मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के बिना अधूरा माना जाता है।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार दर्शन | राजभोग | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 05:30 AM | 05:30 – 06:00 AM | 06:30 – 07:30 AM | 11:00 – 11:30 AM | 12:00 PM |
| मंदिर खुलने का समय | उत्थापन | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:00 PM | 04:00 – 04:30 PM | 08:00 – 08:15 PM | 08:30 PM |
श्रीकृष्ण जन्मभूमि गर्भगृह (अनुमानित दूरी- लगभग 100 मीटर)
श्री द्वारकाधीश मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 2 किमी)
विश्राम घाट (अनुमानित दूरी- लगभग 2.2 किमी)
भूतेश्वर महादेव मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 2.5 किमी)
गीता मंदिर (अनुमानित दूरी- लगभग 5 किमी)
इस्कॉन मथुरा (अनुमानित दूरी- लगभग 4.5 किमी)