श्री नंद भवन मंदिर ब्रज के सबसे पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थस्थलों में से एक है। यह मंदिर नंदीश्वर पर्वत (नंदीश्वर पहाड़ी) की चोटी पर स्थित है और मान्यता है कि यही वह स्थान है जहाँ नंद बाबा, यशोदा मैया, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम अपने बाल्यकाल में निवास करते थे। वर्तमान मंदिर उसी स्थान पर निर्मित माना जाता है जहाँ कभी नंद बाबा का महल था।
श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद कंस बार-बार राक्षसों को गोकुल भेजकर उनका वध कराना चाहता था। पूतना, तृणावर्त, शकटासुर जैसे अनेक असुरों के आक्रमणों के बाद नंद बाबा ने अपने परिवार और समस्त गोप समुदाय के साथ गोकुल से नंदगाँव आकर निवास किया। उन्होंने नंदीश्वर पर्वत पर अपना निवास बनाया, जहाँ श्रीकृष्ण ने अपनी बाल एवं किशोर लीलाओं का बड़ा भाग व्यतीत किया।
यहीं से भगवान श्रीकृष्ण प्रतिदिन गायों को चराने जाते थे, ग्वालबालों के साथ खेलते थे और ब्रज की अनेक दिव्य लीलाएँ संपन्न हुईं। इसलिए नंद भवन को श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की प्रमुख लीलास्थली माना जाता है।
श्री नंद भवन वह पावन स्थान है जहाँ भक्त नंद बाबा और यशोदा मैया के वात्सल्य प्रेम का अनुभव करते हैं। यह ब्रज का ऐसा दुर्लभ मंदिर है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ नंद बाबा और यशोदा मैया की भी पूजा की जाती है। मंदिर में राधा रानी, रोहिणी माता तथा श्रीकृष्ण के सखा भी विराजमान हैं।
भक्तों का विश्वास है कि यहाँ दर्शन करने से परिवार में सुख, प्रेम, संतान सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
श्री नंद भवन मंदिर में पूरे वर्ष अनेक उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं—
इन अवसरों पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है तथा विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण होता है।
श्री नंद भवन मंदिर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल, नंद बाबा और यशोदा मैया के वात्सल्य प्रेम तथा ब्रज की दिव्य लीलाओं का जीवंत प्रतीक है। यहाँ दर्शन करने से भक्त स्वयं को उस पावन वातावरण से जुड़ा हुआ अनुभव करते हैं जहाँ श्रीकृष्ण ने अपने बचपन की सबसे मधुर लीलाएँ कीं। यही कारण है कि नंदगाँव की यात्रा, श्री नंद भवन के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है।
| मंदिर खुलने का समय | मंगला आरती | श्रृंगार दर्शन | राजभोग | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|---|
| 05:00 AM | 05:30 – 06:00 AM | 07:30 – 08:00 AM | 11:30 – 12:00 PM | 12:30 PM |
| मंदिर खुलने का समय | उत्थापन | शयन आरती | मंदिर बंद |
|---|---|---|---|
| 04:00 PM | 04:00 – 04:30 PM | 08:30 – 09:00 PM | 09:30 PM |
पावन सरोवर (अनुमानित दूरी-700 मीटर)
उद्धव क्यारी (अनुमानित दूरी-1 किमी)
टेर कदंब (अनुमानित दूरी-3 किमी)
प्रेम सरोवर (अनुमानित दूरी-7 किमी)
श्री राधा रानी मंदिर, बरसाना (अनुमानित दूरी-8 किमी)
मान मंदिर, बरसाना (अनुमानित दूरी8.5 किमी)
कीर्ति मंदिर, बरसाना (अनुमानित दूरी-7 किमी)